मुद्दे सोशल

मीडिया को बीफ से इतना प्यार क्यों हैं ?

जुनैद ट्रेन से अपने घर जा रहा था कुछ असामाजिक तत्वों ने सिर्फ इसलिए उसे निशाना बनाया कि वो मुसलमान था। अगले दिन ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ ने इस घटना को बीफ की तरफ मोड़ दिया। जबकि बीफ का इस घटना से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं था, ना ही ऐसी कोई अफवाह ही उड़ी […]

सोशल

हरियाणा के गाँवों के जातिवाद की तल्ख़ हक़ीक़त

आरक्षण पर हर रोज बहस हो रही है और नियम भी बदले जा रहे हैं। तर्क दिए जाते हैं कि अब जाति-व्यवस्था खत्म हो चुकी है। लेकिन हर रोज इस तरह की घटनाएं होती हैं जो बार-बार इस बात को साबित करती हैं कि जाति-व्यवस्था आज भी उसी मजबूती से लोगों के दिमाग में बैठी […]

विज्ञान-टेक्नोलॉजी

साइकिल के 200 साल

12 जून 1817 को एक ऐसा आविष्कार हुआ जो पर्यावरण के लिए तो खास है ही, साथ ही गरीबों के लिए भी खास है। जर्मनी के कार्ल वॉन ड्राइस ने 200 साल पहले एक ऐसे दो पहिए बनाए, जिनसे पूरी दुनिया की जिंदगी को बदलकर रख दिया। जर्मनी के कार्ल वॉन ड्रायस ने दो पहिओं […]

मुद्दे सोशल

भारतीय राजनीति: जातिवाद की सवारी

क्या हमारे लिए यह गंभीर चिंता का विषय नहीं होना चाहिए कि जिस जाति-विहीन समता-मूलक समाज को खड़ा करने का संकल्प लेकर स्वाधीन भारत ने अपनी यात्रा प्रारंभ की थी, वही जाति-समस्या आज हमारे सार्वजनिक जीवन का केंद्र बिंदु बनी हुई है ? ऐसा क्यों हुआ ? जिस जाति संस्था को हम जड़-मूल से मिटा […]

व्यंग सोशल

मोदी जी हैरी पोटर हैं, मोदी जी स्पाइडर मैन हैं

केंद्र में बीजेपी के 3 साल हो जाने पर सोशल मीडिया पर लोगों ने चुटकी ली। मोदी जी के बारे में जो भी बातें कही जाती थी उनके बारे में किलकिल सार ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा- मुझे वो दौर याद आ रहा है जब लोग कहते थे मोदी जी देश का कायाकल्प कर […]

मुद्दे सोशल

कैसे होगा जाति का विनाश ?

जाति विनाश अगर सवर्णों से अपेक्षित है तो ये व्यर्थ का प्रोजेक्ट है। लेकिन जाति विनाश दलितों-पिछड़ों से अपेक्षित है तो इस प्रोजेक्ट से बहुत उम्मीद की जा सकती है। जाति विनाश कैसे होगा इसकी विस्तार से चर्चा करने से पहले दो वक्तव्य याद रखिये। महान आयरिश लेखक, विचारक और नाटककार जार्ज बर्नार्ड शॉ से […]

मुद्दे सोशल

भारत और पाकिस्तान की मेहनतकश अवाम से अपील

आज युद्ध का उन्माद जोरों पर है। प्रत्येक न्यूज चैनल, अख़बार खबरें ऐसे पेश कर रहे हैं जैसे युद्ध चल रहा है और वो युद्ध के मैदान से लाइव कवरेज जनता को दिखा रहे हैं, जैसे महाभारत के सीरियल में संजय धृतराष्ट्र को सुना रहा है। युद्ध की पल-पल की खबरें। महाभारत की कथा के […]

मुद्दे सोशल

आरक्षण की नई परिभाषा, संविधान को पुनः परिभाषित करने की तरफ इशारा

आरक्षण दो तरह से है- एक-शिक्षण संस्थाओं में एडमिशन के लिए और दूसरा सरकारी नौकरियों में। आरएसएस समर्थित भाजपा सरकार ने सरकारी नौकरियों को लगभग समाप्त करने की तरफ क़दम बढ़ाया है तो दूसरी तरफ शिक्षण संस्थनों में प्रवेश को लेकर सामान्य कैटेगरी को फिर से परिभाषित किया है। अब ‘जनरल’ या ‘सामान्य’ मतलब सवर्ण। इस […]

मुद्दे स्त्री-विमर्श

भूखी कमजोर महिला समाज को पसंद है, संघर्षरत महिला से डर लगता है

दुनिया के सबसे मजबूत लोकतंत्र की सबसे शर्मनाक और दर्दनाक हार इरोम और 90 वोट। 12 मार्च को इरोम शर्मिला चानू नाम के फेसबुक पेज पर एक स्टेटस लिखा जाता है, ‘Thanks for 90 Votes.’14 मार्च को इरोम का जन्मदिन था और लोगों ने उनके जन्मदिन से पहले ही उनको एक ऐसा ऐतिहासिक गिफ्ट दिया […]

खेल-मनोरंजन

डरमिट रीव ने जब जयसूर्या को कहा, तुम्हारी वजह से मेरा कैरियर खत्म हो जाएगा

2014 में रैडिट पर एक कमैंटेटर ने सवाल डाला, “what is the most absurd myth you have heard in cricket.” पहला रिप्लाई पैट ने किया “मैं जब बहुत छोटा था तो सुना था कि जयसूर्या ने अपने बैट में मैटल स्प्रिंग लगा रखे हैं जिसकी वजह से उनके शॉट बाऊंड्री तक उड़ते हुए जाते हैं।” […]