मुद्दे सोशल

भारतीय राजनीति: जातिवाद की सवारी

क्या हमारे लिए यह गंभीर चिंता का विषय नहीं होना चाहिए कि जिस जाति-विहीन समता-मूलक समाज को खड़ा करने का संकल्प लेकर स्वाधीन भारत ने अपनी यात्रा प्रारंभ की थी, वही जाति-समस्या आज हमारे सार्वजनिक जीवन का केंद्र बिंदु बनी हुई है ? ऐसा क्यों हुआ ? जिस जाति संस्था को हम जड़-मूल से मिटा […]

मुद्दे सोशल

भारत और पाकिस्तान की मेहनतकश अवाम से अपील

आज युद्ध का उन्माद जोरों पर है। प्रत्येक न्यूज चैनल, अख़बार खबरें ऐसे पेश कर रहे हैं जैसे युद्ध चल रहा है और वो युद्ध के मैदान से लाइव कवरेज जनता को दिखा रहे हैं, जैसे महाभारत के सीरियल में संजय धृतराष्ट्र को सुना रहा है। युद्ध की पल-पल की खबरें। महाभारत की कथा के […]

मुद्दे सोशल

आरक्षण की नई परिभाषा, संविधान को पुनः परिभाषित करने की तरफ इशारा

आरक्षण दो तरह से है- एक-शिक्षण संस्थाओं में एडमिशन के लिए और दूसरा सरकारी नौकरियों में। आरएसएस समर्थित भाजपा सरकार ने सरकारी नौकरियों को लगभग समाप्त करने की तरफ क़दम बढ़ाया है तो दूसरी तरफ शिक्षण संस्थनों में प्रवेश को लेकर सामान्य कैटेगरी को फिर से परिभाषित किया है। अब ‘जनरल’ या ‘सामान्य’ मतलब सवर्ण। इस […]

मुद्दे स्त्री-विमर्श

भूखी कमजोर महिला समाज को पसंद है, संघर्षरत महिला से डर लगता है

दुनिया के सबसे मजबूत लोकतंत्र की सबसे शर्मनाक और दर्दनाक हार इरोम और 90 वोट। 12 मार्च को इरोम शर्मिला चानू नाम के फेसबुक पेज पर एक स्टेटस लिखा जाता है, ‘Thanks for 90 Votes.’14 मार्च को इरोम का जन्मदिन था और लोगों ने उनके जन्मदिन से पहले ही उनको एक ऐसा ऐतिहासिक गिफ्ट दिया […]

खेल-मनोरंजन

डरमिट रीव ने जब जयसूर्या को कहा, तुम्हारी वजह से मेरा कैरियर खत्म हो जाएगा

2014 में रैडिट पर एक कमैंटेटर ने सवाल डाला, “what is the most absurd myth you have heard in cricket.” पहला रिप्लाई पैट ने किया “मैं जब बहुत छोटा था तो सुना था कि जयसूर्या ने अपने बैट में मैटल स्प्रिंग लगा रखे हैं जिसकी वजह से उनके शॉट बाऊंड्री तक उड़ते हुए जाते हैं।” […]

मुद्दे स्त्री-विमर्श

क्योंकि बाकी लोगों ने रिएक्ट नहीं किया तो मतलब छेड़खानी हुई ही नहीं

पहला दृश्य: एक लड़का और लड़की पार्क में बैठे हैं। लड़के का हाथ लड़की की छाती के पास है। लड़की की सहमति है और वो सहज है।आसपास के लोग उन्हें ‘घूरकर’ देखते हुए आ जा रहे हैं। तभी भारतीय संस्कृति के तथाकथित रक्षक वहाँ पहुँचते हैं और उस ‘रोमियो’ को ‘सबक’ सिखाकर ‘संस्कृति’ को तार-तार […]

खेल-मनोरंजन

स्मृति मंधाना ने वर्ल्ड कप में सबसे कम उम्र में शतक बनाकर रिकॉर्ड किया अपने नाम

भारत में सबसे ज्यादा क्रेज जिस खेल के लिए है वो हा क्रिकेट। क्रेकट में पुरूष खिलाड़ियों की खूब तारीफ होती है और मीडिया में भी पुरूष खिलाड़ी छाए रहते हैं। क्रिकेट में कहीं भी महिला खिलाड़ियों की बात उतना प्रमुखता से नहीं होती जितना पुरूष खिलाड़ियों की होती है। लेकिन हर खेल में महिला […]

मुद्दे सोशल

समाज, बलात्कार और हम

निर्भया दिल्ली बलात्कार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, देश के अख़बारों के पहले पन्ने भरे पड़े हैं। देश के सभी राष्ट्रीय और लोकल अखबारों ने पहले पृष्ठ पर और अंदर के पृष्ठों पर इस फैसले की अच्छी चर्चा की हुई है। चर्चा हो भी क्यों न मामला ही इतना जघन्य था। 6 मर्दों […]

मुद्दे सोशल

एक खत दुष्यंत चौटाला के नाम

माननीय दुष्यंत चौटाला जी, हिसार लोकसभा सांसद, भारत सरकार। आप हिसार से लोकसभा सांसद हो। भारत में युवा सांसदो में आपकी गिनती की जाती है। आप लोकसभा में समस्या उठाने में सक्रिय रहते हो। आपने हिसार की समस्याओं रेल, बिजली, पानी, पासपोर्ट आदि बहुत से मुद्दे उठाए हैं। अच्छा लगता है जब आपको ये जनता […]

मुद्दे सोशल

मौत का तांडव

शब्द हो जाएं जब गूंगे और भाषा भी हो जाएं अपाहिज समझ लो कहीं किसी मजदूर का लहू बहा है धूप से नहाकर जब चांदनी करने लगे अठखेलियां धुएं के बादलों से समझ लो अंधेरों ने उजालों को ठंगा है दर्द के रिश्ते जब नम होने लगें और गीत रचने लगेंगी सन्नाटों की हवाएं समझ […]