मुद्दे विज्ञान-टेक्नोलॉजी

आपको ऑक्सीजन क्यों चाहिए ?

आपको ऑक्सीजन क्यों चाहिए ?
क्योंकि आपको शरीर के लिए ऊर्जा पैदा करनी है।
ऊर्जा ऑक्सीजन से कैसे पैदा होती है ?
आप खाना खाते हैं ?
हाँ। 
उसमें मौजूद तमाम शर्कराएँ, वसाएँ, प्रोटीन होते हैं ?
हाँ।
उनको आँतों से अवशोषित करके ख़ून द्वारा कोशिका-कोशिका में अलग-अलग ढंग से पहुँचाया जाता है?
हाँ।
कोशिकाओं में ऑक्सीजन की मदद से उन्हें ‘जलाया’ जाता है। ‘जलाना’ यानी उनका विखण्डन।
विखण्डन क्या होता है ?
मान लीजिए आपकी कोशिका को ग्लूकोज़ मिला। उसमें परमाणु हैं ?


हाँ, हैं।
वे आपस में जुड़े हैं ?
हाँ, जुड़े हैं।
जिन संरचनाओं से जुड़े हैं, उन्हें रासायनिक बन्ध या केमिकल बॉण्ड कहते हैं।
तो?
ऑक्सीजन की सहायता से या उसके बिना भी कई बार इन बन्धों को तोड़ा जाता है। और इस क्रिया में कई नये रसायन बनते हैं। इसी में ऊर्जा भी बनती है।
तो इस ऊर्जा का क्या होता है?
यह शरीर के तमाम कार्यों में काम आती है।
तो यह ऊर्जा कैसे किस रूप में बनती है?
यह एटीपी के रूप में बनती है।
एटीपी क्या है ?
एडिनोसिन ट्रायफ़ॉस्फ़ेट नाम के अणु । ट्रायफ़ॉस्फ़ेट में फ़ॉस्फ़ोरस के तीन परमाणु तीन बन्धों से जुड़े हैं।
तो ?
तो इन तीन बन्धों के निर्माण में ऊर्जा का संचय हो जाता है शरीर में।
फिर?
फिर जब ऊर्जा की आवश्यकता होती है, तो एटीपी के ये बन्ध तोड़ लिए जाते हैं।
तो?


तो इस तरह एटीपी शरीर की ऊर्जा-करेंसी यानी ऊर्जा-मुद्रा है। शरीर में ऊर्जा इसी के रूप में भाण्डारित रहती है। एटीपी के रूप में ऊर्जा स्टोर , एटीपी के बन्ध तोड़कर ही ऊर्जा ख़र्च।
एटीपी कहाँ बनते हैं?
हर कोशिका में। अगर बिना ऑक्सीजन के बनते हैं , तो कोशिका-द्रव्य में। अगर ऑक्सीजन की मदद से बनते हैं, तो माइटोकॉण्ड्रिया में।
अच्छा, दोनों जगह बन सकते हैं? अभी तो आपने कहा कि ऊर्जा को पैदा करने के लिए ऑक्सीजन चाहिए?

हाँ, चाहिए। ऑक्सीजन की मदद से अधिक ऊर्जा बनती है। बिना ऑक्सीजन के कम ऊर्जा पैदा होती है। दुनिया में दोनों तरह के जीव हैं। ऑक्सीजन के बिना ऊर्जा पैदा करने वाले और ऑक्सीजन की मदद के साथ ऊर्जा बनाने वाले। बड़े और जटिल जीवों में बिना ऑक्सीजन के ऊर्जा-उत्पादन से काम नहीं चलेगा। अधिक ऊर्जा जो चाहिए।
तो ऑक्सीजन कहाँ से शरीर में घुसती है हमारे ?
फेफड़ों से।
फिर?
वहाँ से रक्त में। फिर रक्त के माध्यम से कोशिका-कोशिका में।

(लेखक- स्कंद शुक्ला)
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