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व्यापमं के व्हिसिलब्लोअर डा. आंनद राय ने कर डाला सीएम शिवराज सिंह चौहान का स्टिंग

इंदौर। मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले के व्हिसिलब्लोअर डॉ. आनंद राय ने शुक्रवार 15सितंबर को इस बात से इनकार किया कि उन्होंने अपने और अपनी हमपेशा पत्नी के तबादलों के मामले में प्रदेश सरकार को ‘ब्लैकमेल’ करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पिछले महीने हुई गुप्त मुलाकात की खुफिया कैमरे से रिकॉर्डिंग की थी।

ब्लैकमेल करने के लिए नहीं की रिकॉर्डिंग

राय ने कहा-

‘मैंने यह खुफिया रिकॉर्डिंग प्रदेश सरकार को ब्लैकमेल करने के लिए नहीं, बल्कि अपने बचाव के लिए की थी। अगर प्रदेश सरकार शिवराज से मेरी मुलाकात की गुपचुप रिकॉर्डिंग कर मुझे बदनाम करने के लिए इसके चुनिंदा अंश सार्वजनिक कर देती, तो मैं अपने बचाव में इस भेंट की असंपादित रिकार्डिंग पेश कर देता।’

 कैमरे वाली घड़ी का किया प्रयोग

इस खुफिया रिकॉर्डिंग के बारे में संवाददाताओं से राय की बातचीत के कुछ ही देर पहले प्रदेश सरकार की ओर से उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ को यह जानकारी दी गई थी कि उनके और उनकी पत्नी के तबादलों को वापस लेने का निर्णय किया गया है।

लड़ाई जारी रखूंगा

11 अगस्त को हुई थी मुलाकात

उनका और उनकी हमपेशा पत्नी का तबादला आदेश निस्स्त करने की थी पेशकश

शपथ-पत्र में यह भी कहा गया कि 11 अगस्त की रात शिवराज और राय के बीच हुई मुलाकात का व्हिसलब्लोअर और उनकी पत्नी के तबादले के मसले से कोई लेना-देना नहीं है।

राय दम्पती ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने तबादलों को चुनौती दी थी। व्हिसिलब्लोअर ने आरोप लगाया था कि उन्होंने प्रदेश सरकार के मंत्रियों और रसूखदार बीजेपी नेताओं के खिलाफ व्यापमं और डी-मैट घोटालों के संबंध में जांच एजेंसियों को शिकायत की थी। इसलिए ‘बदले की भावना से’ उनका और उनकी पत्नी का तबादला कर दिया गया था।

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(टीम मध्यमार्ग)

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