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पीआईएल फांउडेशन ने लिया, जौनपुर रेप केस मे पीडिता को न्याय दिलाने का संकल्प

नई दिल्ली। जौनपुर, उत्तर प्रदेश के चन्दवक थाना क्षेत्र की रीना के साथ गांव के संजय तिवारी द्वारा छेड़खानी व बलात्कार के मामले में पीआईएल फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संतोष कुमार ने अखण्ड़ भारत न्यूज से बातचीत करते हुए बताया कि एक गरीब और पिछड़ी महिला की आबरू को जिस तरह से भाजपा नेता संजय तिवारी द्वारा तार-तार किया गया है,वह बेहद ही शर्मनाक और निंदनीय है।

घर में जबरदस्ती घुस कर की थी वारदात

आप को बता दें कि 27 अगस्त की सुबह जब रीना के पिता व भाई के दुकान चले जाने के बाद जब उसकी माँ खेत से जानवरों के लिए चारा लेने चली गयी तब लगभग 7 बजे सुबह रीना अपने रसोई में,जो कि गांव में अमूमन खुले में होती है में खाना बना रही थी। उसी समय उसे अकेला देख पड़ोस के संजय तिवारी पुत्र राधे तिवारी ने उसपर हमला कर मारा पीटा व जबरदस्ती रीना का बलात्कार किया और इसमें उसने रीना के 2 साल के बच्चे को भी उठा कर फेंका और जान से मारने की धमकी दी।

2 साल के बच्चें को भी नही बख्शा, लगी है गंभीर चोट

बच्चे के सिर, हाथ व पेट में चोट आई है उसका इलाज चंदवक के डा. अजीत सिंह के वहां से चल रहा है। वही इसका विरोध करने जब पीड़िता की मां संजय तिवारी के घर गयी तो संजय तिवरी के चाचा कैलाश तिवारी, कैलाश का दामाद अमित तिवारी उर्फ बच्चा इन तीनों ने मिलकर मां बेटी को अधमरा होने तक पीटा और और इन दोनों को बेहोशी की हालत में छोड़कर चंदवक थाने में उल्टा इन्ही के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। जब पीड़िता थाने पर अपनी मां के साथ पहुंची तो इनकी रिपोर्ट लिखने की बज़ाय एस.ओ. विश्वजीत सिंह उल्टा इन्ही को धमकाने लगे और रात 8:00 बजे तक ये दोनों को थाने पर ही बैठाए रखे, साथ में इन्हीं को उल्टा फंसाने की धमकी देते रहैं। बाद में मारपीट की मामूली धाराओं में संजय तिवारी पर एफ.आई.आर. दर्ज कर इन लोगों को थाने से भगा दिया। पीड़िता आज भी न्याय के लिए भटक रही है और दोषी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है।

पीआईएल फांउडेशन के अध्यक्ष अधिवक्ता संतोष कुमार ने की मामले को लेकर पीडिता के भाई से बात

पीआईएल फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा कि हमने फोन पर पीड़िता के भाई से बात की है। उसकी आर्थिक से लेकर शैक्षणिक स्थिति और पूरी घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की। वे लोग तो बेहद पिछड़े और गरीब हैं। उन्हें तो पुलिस को देखते ही डर लगता है। वे न्याय कैसे पाएंगे यह सोचनीय विषय है। उन्होने इस विषय में थाना चन्दवक जौनपुर,पुलिस महानिरीक्षक उ०प्र०,महामहिम राज्यपाल उ०प्र०,राष्ट्रीय महिला आयोग उ०प्र०,राष्ट्रीय महिला आयोग,राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली, नेता समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और नेता प्रतिपक्ष को पत्र के माध्यम से घटना को संज्ञान लेकर एक गरीब और मजलूम के साथ घोर अपराध करने वालो को सजा दिलाने के सम्बन्ध मे मांग किया है।

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