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हिंदू राष्ट्र की शुरूआत- ‘मुगलसराय’ रेलवे सटेशन का नाम होगा ‘दीनदयाल उपाध्याय’

नई दिल्ली। बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से लगातार आरएसएस अपने एजेंडे को लेकर काम कर रहा है। और देश में अपने एजेंडे को लागू करने की कोशिश कर हा है। किसी राज्य के विश्वविद्यों में अपने लोगों को भर्ती कर रहा है, तो किसी विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में बदलाव किया जा रहा है। जगह-जगह शहरों के नाम बदले जा रहे हैं। तो अब रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर आरएसएस और जनसंघ के नेताओं के नाम पर रखे जा रहे हैं।

योगी कैबिनेट ने उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशन मुगलसराय का नाम बदलकर जनसंघ के नेता दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रखने का फैसला किया था। इस फैसले को गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। सरकारी नियमों के मुताबिक किसी स्टेशन, गांव, शहर का नाम बदलने के लिए राज्य सरकार को गृहमंत्रालय से NOC (नो ऑबजेक्शन सर्टिफिकेट) लेना जरूरी होता है।

जून में यूपी सरकार ने स्टेशन का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था। जुलाई महीने में गृह मंत्रालय से यूपी सरकार को NOC मिल गई थी।

मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रखने के प्रस्ताव को लेकर 4 अगस्त को संसद में खूब हंगामा हुआ। राज्यसभा में समाजवादी पार्टी सांसद नरेश अग्रवाल ने मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलने को लेकर सवाल उठाए।

अब बस रेल मंत्रालय को इस पर फैसला करना है। इस मुद्दे पर सदन में सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार सारे पुराने शहरों और जगहों के नाम बदल रही है। इस पर चर्चा होनी चाहिए।

वहीं सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री नकवी ने जवाब देते हुए कहा कि ‘विपक्ष को मुग़लों के नाम पर नहीं, दीन दयाल उपाध्याय जी के नाम पर आपत्ति है।’

विपक्ष ने सवाल खड़ा किया कि जिसका कोई योगदान नहीं उसके नाम पर जगहों के नाम क्यों रखे जा रहे हैं? विपक्ष शुरू से ही बीजेपी पर आरोप लगा रही है कि जब से केंद्र में मोदी की सरकार बनी है तबसे भगवाकरण करने की पूरी कोशिश हो रही है। पुराने शहरों के नाम बदले जा रहे हैं। यहां तक कि इतिहास तक बदला जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर योगी सरकार को शहरों के नाम बदलने की ऐसी क्य़ा नौबत आ गई।

पहले भी बीजेपी हरिया के गाँव और शहरों के नाम बदल चुकी है। हरियाणा सैंट्रल यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम में भी आरएसएस के नेताओं का नाम शामिल करने का फैसला कर चुकी हैं।

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पं. दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर 1916 को मथुरा जिले के छोटे से गांव नगला चन्द्रभान में हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष थे। बीजेपी इस साल दीनदयाल उपाध्याय का जन्म शताब्दी वर्ष मना रही है। योगी सरकार ने कैबिनेट की बैठक में मुगलसराय के मुख्य मार्ग का नाम दीनदयाल के नाम पर करने, प्रमुख चौराहे पर उनकी प्रतिमा लगाने और उसका नाम दीनदयाल चौक करने का भी निर्णय लिया था। बैठक में कहा गया था कि दीनदयाल उपाध्याय का निष्प्राण शरीर मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर मिला था।

 

(टीम मध्यमार्ग)