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थोड़ी भी शर्म बची है तो इस्तीफा दे दें शरद यादव- जेडीयूू

नई दिल्ली।  बिहार की राजनीति में लगातार भूचाल आया हुआ है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बीजेपी के साथ सरकार बनाने से जेडीयू में फूट पड़ गई है। शरद यादव को राज्यसभा के नेता के पद से हटाने के बाद जेडीयू की तरफ से बयान आया है कि शरद यादव में थोड़ी भी शर्म बची है तो वो खुद ही राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दें।

क्या है वजह?

बिहार में नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की वजह से शरद यादव के बागी तेवर और बिहार की जनता से जुड़ने  के लिए तीन दिनों तक बिहार का दौरा किया।

इस दौरान जगह-जगह जनसभाओं में शरद ने कहा कि नीतीश कुमार की जनता दल (यू) सरकारी दल है जबकि उनका जनता दल (यू) आम लोगों का है।

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जेडीयू का पक्ष

जेडीयू के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा है कि जिसे शरद यादव सरकारी जनता दल कह रहे हैं उसी जनता दल (यू) के 71 विधायकों  उन्हें राज्यसभा भेजा है, इसलिए उन्हें राज्यसभा के सांसद पद से खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। शरद यादव जनता के बीच कह रहें है कि 2015 का जनादेश महागठबंधन को मिला था सही बात है, लेकिन जनादेश भ्रष्ट्राचार होने के लिए जनता ने नहीं दिया था।

 

 

जेडीयू ने शनिवार को राज्यसभा के नेता पद से शरद यादव को हटा कर आरसीपी सिंह को नेता बनाया है। अब उनकी राज्यसभा की सदस्यता पर भी खतरा है। जेडीयू ने 19 अगस्त को राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक बुलाई है। अगर शरद यादव उसमें शामिल नहीं होते हैं तो उनको पार्टी से निकालना तय है।

 

 

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आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव लगातार कह रहे हैं कि आरजेडी का जेडीयू हेडेड बाई शरद यादव और कांग्रेस के साथ बिहार में महागठबंधन जारी रहेगा।

 

(टीम मध्यमार्ग)