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बीजेपी विधायक का शर्मनाक बयान – ”अगर बीजेपी के खिलाफ ना लिखती तो जिंदा होती गौरी लंकेश”

बैंगलुरू। वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की मंगलवार 6 सितंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद देशभर में लोग आरएसएस और बीजेपी को उनकी हत्या के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं।

इस मामले को लेकर कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी के विधायक डीएन जीवाराज एक बयान से विवादों में फंस गए हैं।उन्होंने कहा कि गौरी शंकर दक्षिणपंथियों के खिलाफ बयान देने की वजह से मारी गईं हैं।

बुधवार 7 सितंबर को चिकमागलूर में कोप्पा तालुक में एक रैली में बोलते हुए जीवाराज ने बयान दिया कि बीजेपी ने कांग्रेस की तुलना में बेहतर सुरक्षा प्रदान की है।
इंडिया टुडे को दिए गये इंटरव्यू के एक वीडियो में जीवाराज कह रहे हैं, “कि जब बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी तो इसी गौरी लंकेश ने अगर सिद्दारामिया की निंदा की होती तो क्या गौरी की हत्या होती ?”

गौरी लंकेश के लेख का भी किया जिक्र

बीजेपी विधायक ने आगे कहा कि, “गौरी लंकेश ने अपनी पत्रिका में हमारे खिलाफ कुछ बातें लिखी हैं। यह लोकतात्रिक हक है और यह एक अलग मामला है। लेकिन उनकी जिंदगी के खोने की भरपाई कौन करेगा? ” उन्होंने अपने भाषण में गौरी शंकर के उस लेख का भी जिक्र किया जिसका टाइटल चड्डीगाला मारानाहोमा (आरएसएस की मौत) था।
बीजेपी विधायक जीवाराज ने कहा है कि अगर गौरी लंकेश ने बीजेपी और आरए‍सएस के खिलाफ ना लिखा होता तो वो आज शायद जिंदा होती। उनका यह बयान ऐसे मौके पर आया है जब पुलिस गोरी शंकर की मौत के पीछे के मकसद का भी पता नहीं लगा पाई है।
गौरतलब है कि 55 साल की गौरी लंकेश (जो आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ लिखने के लिए जानी जाती थी) की हत्या मंगलवार 6 सितंबर को बेंगलुरू के उनके निवास में कर दी गई। कुछ अज्ञात हमलावरों ने गौरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
(टीम मध्यमार्ग)