मुद्दे विज्ञान-टेक्नोलॉजी

वीर्य तो महज एक उत्पाद है, पुरुष तो टेस्टोस्टेरॉन बनाता है

पुरुषत्व का वह हरकारा शुक्राणुओं के पालनों के बीच जन्म लेता है टेस्टोस्टेरॉन के कारण ही है पुरुषत्व नर की नरता टेस्टोस्टेरॉन (व अन्य पुरुषत्व-हॉर्मोन जिन्हें सामूहिक रूप से एण्ड्रोजन कहते हैं) के कारण है। वीर्य और शुक्राणु तो टेस्टोस्टेरॉन-लीला का एक अंग-भर हैं। टेस्टोस्टेरॉन वृषणों में जन्म लेता है, फिर शरीर के कई अंगों […]

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आपको ऑक्सीजन क्यों चाहिए ?

आपको ऑक्सीजन क्यों चाहिए ? क्योंकि आपको शरीर के लिए ऊर्जा पैदा करनी है। ऊर्जा ऑक्सीजन से कैसे पैदा होती है ? आप खाना खाते हैं ? हाँ।  उसमें मौजूद तमाम शर्कराएँ, वसाएँ, प्रोटीन होते हैं ? हाँ। उनको आँतों से अवशोषित करके ख़ून द्वारा कोशिका-कोशिका में अलग-अलग ढंग से पहुँचाया जाता है? हाँ। कोशिकाओं […]

मुद्दे विज्ञान-टेक्नोलॉजी

हीमोग्लोबिन का स्तर उठाने के लिए जरूरी है इरिथ्रोपोएटिन

वृक्कों से निकल कर अस्थिमज्जा में जाकर लाल रक्त-कोशिकाओं के निर्माण में योगदान देने वाला इरिथ्रोपोएटिन एक हॉर्मोन है। ख़ून में ऑक्सीजन की कमी, जिसे हाइपॉक्सिया कहा जाता है, उसे पढ़कर वृक्कों में मौजूद फाइब्रोब्लास्ट कोशिकाएँ इसे बनाती और छोड़ती हैं। क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ वह बीमारी, जिसमें दीर्घकालीन समय से गुर्दे ख़राब चल रहे होते […]

मुद्दे विज्ञान-टेक्नोलॉजी

यौन क्रियाओं में कैसे महत्‍वपूर्ण है ‘सैकेंडरी सेक्सुअअल ऑरगेन्स ’ ?

विज्ञान अपनी शब्दावली में सावधानी-सहित ऑब्जेक्टिविटी बरतता है। यही कारण है कि जिन भाषाओं की अपनी वैज्ञानिक शब्दावली नहीं है, वहाँ लिखने वालों को एक क़िस्म का शब्द-संघर्ष स्वयं से और फिर पाठक से भी करना पड़ता है। हिन्दी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। द्वितीयक यौन-विशेषता (Secondary Sexual Characterstic) तक ले जाता है […]

मुद्दे विज्ञान-टेक्नोलॉजी

नसबन्दी से प्रभावित नही हो सकती “मर्दानगी”

नसबन्दी के बाद के वीर्य को लेकर लोग सोच में है। नसबन्दी तो हो गई, अब शुक्राणुओं का क्या होगा? कहाँ जाएँगे बेचारे? वीर्य में शुक्राणु हैं, यह बताया जा चुका है। वीर्य का पाँच प्रतिशत हिस्सा ही शुक्राणुओं से बनता है, बाक़ी लगभग 65 % सेमाइनल वेसाइकिल और 30 % प्रोस्टेट से आता है। […]

मुद्दे विज्ञान-टेक्नोलॉजी

हम पुरुष हैं, वे स्त्रियाँ हैं, क्यों हैं ?

प्रश्नों के साथ जीना और जीते जाना भी व्यक्ति को बेहतर बनाता है। पानी से इतर प्यास की भी अपनी महत्त्वपूर्ण उपादेयता है। संसार हममें से अधिकांश के लिए दो लिंगों में बँटा है- पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। हमें बचपन से यही बताया गया है। परिवार-समाज में हमने यही देखा-जाना-सीखा है। फिर जब थोड़े बड़े होते […]

मुद्दे विज्ञान-टेक्नोलॉजी

कहीं आप भी ‘नसबन्दी’ को ‘बँधियाकरण’ तो नहीं समझ बैठे?

हिन्दी में आदमियों और औरतों, दोनों के लिए नसबन्दी शब्द ही चलता है। अँग्रेज़ी की तरह हम अपनी भाषा में वैसेक्टॉमी और ट्यूबेक्टॉमी जैसी शब्दावली विकसित ही नहीं कर पाए। पुरुष-देह में नीचे झूलते कोषों में वृषणों के भीतर शुक्राणु बनते हैं, जो इपिडिडिमिस में भाण्डारित होते हैं। यहाँ से वह ‘नस’ निकलती है, जिसके […]

ख़बरें विज्ञान-टेक्नोलॉजी

तेलंगाना के 5 इंजीनियरिंग छात्र नासा रोवर चैलेन्ज के लिए चुने गए

तेलंगाना के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के पांच छात्रों को प्रतिष्ठित ‘नासा ह्यूमन एक्सप्लोरेशन रोवर चैलेंज’ के लिए चुना गया है। वारंगल में एस आर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों की पांच सदस्यीय टीम अब अमेरिका में अप्रैल 2018 में होने वाली पांचवी वार्षिक नासा ह्यूमन एक्सप्लोरेशन रोवर चैलेंज में भाग लेंगी। एसआर इंजीनियरिंग कॉलेज के अनुसार मानदंडों पर खरा उतरने […]

मुद्दे विज्ञान-टेक्नोलॉजी

“मर्दानगी का असली खिलाड़ी ‘वीर्य’ नहीं कोई और है”

अगर आप अपनी मर्दानगी को वीर्य से ज़्यादा जानते, तो नसबन्दी को मर्दानगी-बन्दी न समझते। वीर्य बहुत गाढ़ा पदार्थ है। (अभिधा में ही नहीं, लक्षणा में भी) और लोगों के अनुसार हर गाढ़ा पदार्थ बहुमूल्य है- जैसे दूध की तुलना में दही या मलाई। जो गाढ़ा नहीं है, पतला है, वह कमज़ोर है। ख़ून और […]

मुद्दे विज्ञान-टेक्नोलॉजी

बुख़ार को ठीक से समझे बिना पैरासिटामॉल के महत्व को समझा नहीं जा सकेगा

शरीर का तपने लगना अगर बुख़ार है, तो क्या केवल मुँह शरीर है? अगर नहीं तो मुँह में थर्मामीटर जो बताता है, वह बुख़ार कैसे हो गया? या फिर बगल में लगाने से जो तापमान आया, वह पूरे शरीर का प्रतिनिधि कैसे मान लिया गया? बुख़ार कहाँ-कहाँ नापा जाता है और क्यों? और जिन जगहों […]