ख़बरें मुद्दे

दुनिया का सबसे बड़ा भारतीय संविधान, जीडीपी, भ्रष्टाचार और हमारा समाज

समाज दो तरह के नियमों से चलता है एक लिखित नियम और दूसरे अलिखित नियम। दुनिया में अलिखित नियम पहले आए और लिखित नियम (संविधान के रूप में या किन्ही अन्य रूप में ) बहुत बाद में आए। किसी भी समाज की सामूहिक चेतना, विवेक,संवेदनशीलता,लोकतांत्रिक सोच आदि को जांचने के कई पैमाने होंगे, लेकिन लिखित […]

सामाजिक समरसता क्यों सामाजिक समानता क्यों नहीं?

भारतीय क्रांति : रामलीला मैदान टू बेगूसराय वाया बनारस

सुविधाओं की कमी से जूझते हज़ारों मासूमों की ज़िंदगी बचाता एक डॉक्टर

अपने बचाव में बेहद बचकाना और हास्यास्पद तर्क दे रहे हैं गोगोई

मुद्दे सोशल

आत्म मुग्ध, सामंती और अलोकतांत्रिक भारतीय समाज और कश्मीर

हमारी मानवता कैसे तय होती है जब हम मानव (human) के बारे में बात करते हैं, तब हमारी सोच में मानव के अतिरिक्त धरती पर बसने वाले अन्य जीवनों के हित कितने शामिल होते हैं, इससे हमारी मानवता तय होती है। जब हम अपने देश के बारे में बात करते हैं तब धरती पर बसे […]

दुनिया को गोरापन बेचने की साज़िश चलाने वाले बेवकूफ़ों पर हँसिए

पत्रकार और योगी आदित्यनाथ वाली उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार

लोग निजता ( गोपनीयता ) को सँभालने और खोने का अर्थ ही नहीं जानते

यूरिक एसिड , गाउट , भ्रान्तियाँ व निराकरण – डॉ.स्कन्द शुक्ल

ख़बरें मुद्दे

दुनिया का सबसे बड़ा भारतीय संविधान, जीडीपी, भ्रष्टाचार और हमारा समाज

समाज दो तरह के नियमों से चलता है एक लिखित नियम और दूसरे अलिखित नियम। दुनिया में अलिखित नियम पहले आए और लिखित नियम (संविधान के रूप में या किन्ही अन्य रूप में ) बहुत बाद में आए। किसी भी समाज की सामूहिक चेतना, विवेक,संवेदनशीलता,लोकतांत्रिक सोच आदि को जांचने के कई पैमाने होंगे, लेकिन लिखित […]

मुद्दे सोशल

आत्म मुग्ध, सामंती और अलोकतांत्रिक भारतीय समाज और कश्मीर

हमारी मानवता कैसे तय होती है जब हम मानव (human) के बारे में बात करते हैं, तब हमारी सोच में मानव के अतिरिक्त धरती पर बसने वाले अन्य जीवनों के हित कितने शामिल होते हैं, इससे हमारी मानवता तय होती है। जब हम अपने देश के बारे में बात करते हैं तब धरती पर बसे […]

व्यंग

दो दुना चार होता है लेकिन आप कह रहे हैं छह होता है तो छह ही होगा

दो दुना छह होता है । क्यों ? क्योंकि मैं कह रहा हूं । जी सर , सही कहा आपने । दो दुना चार होता है लेकिन आप कह रहे हैं छह होता है तो छह ही होगा । देखो तुम अभी भी गलत कह रहे हो । चार का बिल्कुल भी उल्लेख नहीं करना […]

मुद्दे व्यंग

काल चक्र, समय का पहिया और स्वयं को दोहराता इतिहास

सनातन संस्कृति और जड़ों से जुड़े लोग अच्छी तरह जानते ही हैं की सृष्टि में सभी कुछ चक्र में चलता है । ब्रह्माण्ड बिग बैंग के चलते फैलता सिकुड़ता है । सत, त्रेता, द्वापर, कल युगों का पहिया घूमता है । सूरज अपनी जगह, सभी ग्रह अपने ध्रुवों पे घूमते हैं, आत्मा तीनों लोकों में, […]

ख़बरें मुद्दे स्त्री-विमर्श

अपने बचाव में बेहद बचकाना और हास्यास्पद तर्क दे रहे हैं गोगोई

गिरीश मालवीय- न्याय की देवी अंधी नहीं होती लेकिन उसकी आँखों पर पट्टी जरूर बंधी दिखाई देती है. और इस बात का सिर्फ एक ही मतलब है कि कानून के समक्ष भी सब समान हैं. आरोपी का रुतबा देखे बगैर उसके अपराध को देखा जाए ओर न्याय किया जाए. संविधान के अनुच्छेद 14 कानून के […]

ख़बरें सोशल स्त्री-विमर्श

लोकतान्त्रिक मूल्यों को बचाने के लिए एक छोटा मगर महत्वपूर्ण प्रयास

भोपाल, मध्यप्रदेश से 2019 लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से आतंकवाद की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनाये जाने के विरोध में एक ऑनलाइन याचिका दी गयी है। जिसे अभी तक लगभग 2000 लोगों ने साइन किया है और यह संख्या बढ़ती जा रही है। Fingertip feminism फेसबुक पर स्त्री समस्याओं को […]

खेल-मनोरंजन मुद्दे सोशल

“मिलेनियम बॉयज” क्रिकेट के देश में फुटबॉल को जीवित रखे है ये लड़के

आबादी के मामले में दुनिया में दूसरे नंबर पर रहने वाले भारत को फुटबॉल विश्वकप में खेलते देखना उन ‘हज़ारों ख्वाहिशों’ में से एक है, जिन्हें ‘दम निकलने’ से पहले पूरी होते देखना चाहता हूँ। भले ही अंडर-17 विश्वकप में असली विश्वकप सरीखा ग्लैमर और प्रतिस्पर्धा न मौजूद हो, इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया […]

ख़बरें खेल-मनोरंजन

एक्ट्रेस जिया खान की माँ ने लगाया हत्या को सुसाइड में बदलने का आरोप, लिखा पीएम मोदी को खत

नई दिल्ली। एक्ट्रेस जिया खान की मौत को लेकर उनकी मां राबिया खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर न्याय मांगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में लोकल पुलिस ने उनकी बेटी की हत्या को सुसाइड का मामला बना दिया। जिया खान की हुई थी हत्या उन्होंने  दावा किया कि 3 जून […]

वीडिओज़

कुछ मिला जुला कर

असम और गुजरात के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए आमिर खान

अडानी की पड़ताल : भारत के कॉर्पोरेट मीडिया से जो न हुआ वो कर दिखाया ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने

‘बच्चों की मौत का मुद्दा क्यों उठाया, असली मुद्दे वंदेमातरम पर डिबेट करें’

वर्ण व्यवस्था के अवशेष

यूपी के गोंडा में गौकशी के आरोप में दीक्षित बंधु गिरफ्तार, संप्रदायिक हिंसा फैलाने का था प्रयास

उत्कल एक्सप्रेस के 6 डि़ब्बें पटरी से उतरे, 5 लोगों की मौत

जन्मदिन विशेष – कमाल के किशोर

छप रहे 1 नंबर के दो नोट, सदी का सबसे बड़ा घोटाला- कपिल सिब्बल

रेप के बाद निर्वस्त्र कर चौथीं मजिंल से फेंका

जनाब टट्टी कर सकते हैं क्या ?

ख़बरें मुद्दे विदेश

राफेल धमाका : राफेल डील में भारत सरकर ने माफ़ कराया अनिल अम्बानी पर 162 मिलियन डॉलर का कर्ज़

फ्रांस में स्थानीय मीडिया ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी को फ्रेंच सरकार ने 143.7 करोड़ यूरो की कर्जमाफी दी। यानी लगभग ग्यारह हज़ार करोड़ रु की टैक्स माफ़ी इस शर्त पर की गयी कि भारत सरकार 36 राफेल 128 राफेल के कुल दाम में खरीदेगी और साथ में […]

ख़बरें मुद्दे विदेश

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के नॉर्थ कोरिया से एकदम अलग है हकीकत का नॉर्थ कोरिया

उत्तर कोरिया  और उसकी सरकार एक बार फिर से सुर्खियों में है. यह बताने की जरुरत नहीं कि उत्तर कोरिया  किस वजह से सुर्खियों में रहता है. उत्तर कोरिया के बारे में  सिर्फ यही कहा जा सकता है कि एक देश को बदनाम करने के लिए जितने हथकंडे अपनाये जा सकते हैं वो अपनाये गए […]

ख़बरें विज्ञान-टेक्नोलॉजी विदेश सोशल

‘फेक न्यूज़’ से निपटने के लिए फेसबुक ला रहा है नया ‘Context’ बटन

फेसबुक ने कहा है कि वह एक नए “बटन” पर परीक्षण कर रहा है। ताकि दुनिया की सबसे बेहतरीन सोशल  नेटवर्किंग साइट के उपयोगकर्ताओं को गलत सूचना को रोकने के लिए खबर के सोर्स के बारे में एक से अधिक स्रोत के बारे में जानकारी मिल सके। नई फीचर उपयोगकर्ताओं को फेसबुक और इसके न्यूज़ फीड को छोड़े बिना एक क्लिक […]

विज्ञान-टेक्नोलॉजी सोशल

दुनिया को गोरापन बेचने की साज़िश चलाने वाले बेवकूफ़ों पर हँसिए

स्कन्द शुक्ल- अगर आप साँवले / साँवली हैं , तो आप सूरज की मार झेलने वाले / वाली बहादुर हैं। आपका रंग साँवला है। गोराई बढ़ाने के झूठे वादे करने वाली क्रीमें फिर भी आपको दुखी करती हैं। आपको ऐसे में सूर्य-ज्योति को समझना चाहिए और मानव-विकास को भी। जो गोरा है , सूरज उसे […]

विज्ञान-टेक्नोलॉजी सोशल

यूरिक एसिड , गाउट , भ्रान्तियाँ व निराकरण – डॉ.स्कन्द शुक्ल

तमाम रोगी जोड़ों के दर्द में दाल-मांस-दूध-इत्यादि का सेवन स्वतः अथवा किसी डॉक्टर के कहने पर रोक देते हैं। अधिक पूछने पर वे प्रोटीन का हवाला देते हैं। उनका कहना होता है कि हमें बताया गया है कि प्रोटीन खाओगे , तो यूरिक एसिड बढ़ जाएगा। इस बारे में मैं एक लम्बा लेख लिख चुका […]

ख़बरें विज्ञान-टेक्नोलॉजी

सुविधाओं की कमी से जूझते हज़ारों मासूमों की ज़िंदगी बचाता एक डॉक्टर

स्कन्द शुक्ल- अच्छी बातें अख़बारी कतरनों पर किनारे चाहे न जगह पाएँ , ज़ेहन में उनकी मौजूदगी हाशिये पर ही रहती आयी है। हम ऐसे वक़्त में रह रहे हैं , जहाँ ऊटपटाँग-बेतुकी बयानबाज़ियों पर दिनों-दिन चर्चा की जाती है , किन्तु किसी के प्राणरक्षक कृतित्व पर नहीं। ऐसी ही एक घटना है जिससे अधिकाधिक […]